काठमाण्डू, ३१ साओनः नेपाली कांग्रेसक निवर्तमान सभापति एवं पूर्वप्रधानमन्त्री शेर बहादुर देउवा देशक न्यायालय हमरा विगतसँ न्याय दैत आएल उल्लेख करैत न्यायालयप्रति पूर्ण विश्वास रहल बतौलैन अइछ ।
कांग्रेसक संस्थापन पक्ष इतरके तीन दिनक राष्ट्रिय भेला समापनके अवसरमे आइ ओ पञ्चायतकालसँ हम आ हमरा पार्टीकेँ न्यायालय न्याय देने बतौलैन । “विगतमे हमरा राजा कैद कएलाक बादो न्यायालय शाही आयोग खारेज कएने छल । अखन सेहो हमरासभक पार्टीके आधिकारितासम्बन्धी विषय सर्वाेच्च अदालतमे छै, न्याय हएत से अपेक्षा कएने छी”, पूर्वप्रधानमन्त्री देउवा कहलैन । विशेष महाधिवेशनसँ पार्टीमे विभाजन आनत कहैत हम ओहन काज नै करबाक लेल आग्रह कएने ओ स्मरण करौलैन ।
अलग प्रसङ्गमे पूर्वप्रधानमन्त्री देउवा हम हिन्दू धर्मावलम्बी भेल आ हिन्दू संस्कार मानैत आएल उल्लेख करैत केकरो धर्म मानएसँ बञ्चित नै क सकबाक जिकिर केलैन ।
पूर्वप्रधानमन्त्री देउवा पार्टीके नेताकार्यकर्ताक पैघ साथ आ सद्भाव प्राप्त भेल उल्लेख करैत ओकरा नै बिसरबाक बतौलैन । देउवा स्वास्थ्य इलाज सम्पन्न क पाँच महिनाके बाद वृहस्पैतदिन स्वदेश घुरल छलैन ।
पार्टीके पूर्वमहामन्त्री एवं भेलाके संयोजक डा. शशाङ्क कोइराला पार्टीकेँ एकताबद्ध बनेबाक लेल सम्मेलन कएल गेल कहैत इएह सम्मेलनके कारण सब नेताकार्यकर्ता बीच भेट भेल उल्लेख केलैन । तहिना, सम्मेलनसँ विभिन्न पाँच प्रतिवेदन पारित कएने कहैत ओ धन्यवाद देलैन ।
सम्मेलनसँ पार्टीके आगामी १५म महाविधेशन तैयारी, सनातन धर्म माइन सकबाक स्वतन्त्रतासम्बन्धी, संविधानमे समसामयिक संशोधनलगायत विभिन्न प्रस्ताव सेहो पारित कएल गेल अइछ । शुक्रदिनसँ सुरु भेल तीन दिनक भेलामे शैनदिन पार्टीके शीर्ष नेतासभ विमलेन्द्र निधि राजनीतिक, डा.प्रकाशशरण महत आर्थिक, एनपी साउद समसामयिक, रमेश लेखक कानुन तथा विधान आ उमाकान्त चौधरी साङ्गठनिकसम्बन्धी प्रस्ताव प्रस्तुत कएने छलैन ।
तहिना, शैनदिन भेलाकेँ विधानअनुसार बनेबाक लेल सम्मेलनमे परिणत कएल गेल छल । प्रचार–प्रसार समिति संयोजक मीन विश्वकर्माके कहब अनुसार सब प्रतिवेदनपर प्रदेशगत रुपमे परामर्श क प्रदेशगत धारणा आ प्रस्तुतिके बाद सम्मेलन आइ समापन कएल गेल अइछ ।
कांग्रेसक बितल पुस २७ गतेसँ ३० गतेधैर भेल विशेष महाधिवेशनसँ तत्कालीन महामन्त्री गगन कुमार थापाकेँ सभापतिमे चयन करैत नयाँ केन्द्रीय कार्यसमिति चयन कएने छल । विशेष महाधिवेशनमे सहभागी नै भेल तत्कालीन संस्थापन पक्ष विशेष महाधिवेशन अवैध कहैत निर्वाचन आयोगमे उजुरी देने छल ।
आयोग विशेष महाधिवेशनसँ निर्वाचित समितिकेँ मान्यता देलाक बाद असन्तुष्ट पक्ष सर्वाेच्च अदालत गेल छल । सर्वाेच्च अदालत सेहो आयोगक निर्णयकेँ मान्यता देने छल । ओइके बाद असन्तुष्ट पक्ष पुनरावलोकनके लेल देने आधिकारिताके निवेदनपर पुनः सुनुवाइ करैत सर्वाेच्च अदालतक पूर्ण इजलास इएह साओन २१ गते निस्सा देने छल । (रासस)





